Tuesday, July 28, 2026

एक मुठ्ठी में आसमान है

 एक मुठ्ठी में आसमान है,

एक मुठ्ठी में तारे है,

गिनती में कम लगते होंगे,

पर जोश में हम हजारों है।


कभी हवा है, कभी हैं पानी,

कभी शब्द है, कभी कहानी,

धीमी सी एक आंच कभी है,

धीमी सी एक आंच कभी है,

कभी कभी अंगारे है...


...एक मुठ्ठी में आसमान है,

एक मुठ्ठी में तारे है।


रोशन करते है हर दिल को,

डरते हमसे अंधियारे है,

ऊर्जा से हम ओत प्रोत है,

ऊर्जा के ही प्यारे है...


...एक मुठ्ठी में आसमान है,

एक मुठ्ठी में तारे है।


मस्ती के पंखों पर उड़ते,

आसमान के प्यारे है,

मस्ती के पंखों पर उड़ते,

आसमान के प्यारे है,

खुशी बांटना काम हमारा 

हम तो सबसे ही न्यारे है...


...एक मुठ्ठी में आसमान है,

एक मुठ्ठी में तारे है।



रोक सके कोई हमको यारों, ऐसे भी सपने होते होंगे,

रोक सके कोई हमको यारों, ऐसे भी सपने होते होंगे,

जलने वाले हमसे सच में, कुछ दुनिया में होते होंगे,

अनजाने है हमसे वो, हम दो धारी तलवारे है,

एक मुठ्ठी में आसमान है,

एक मुठ्ठी में तारे है।


रोक सका है कौन भला तेजी से चलती आंधी को,

रोक सका है कौन भला तेजी से चलती आंधी को,

प्रेम से बहती हवा समझ कर दिए जलाने आए थे जो,

समझ आ गया उनको की हम तूफानों के धारे है,


एक मुठ्ठी में आसमान है,

एक मुठ्ठी में तारे है।

गिनती में कम लगते होंगे,

पर जोश में हम हजारों है।

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